पीलीभीत: बाघ के हमले से किसान की मौत 15 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे वनाधिकारी

पूरनपुर, जनपद -पीलीभीत

थाना हजारा क्षेत्र में खेत गए किसान को बाघ ने बनाया निवाला,
15 घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचे वनाधिकारी, ग्रामीणों ने शव
तिराहे पर रखकर रोड किया जाम, मौके पर डटा रहा भारी पुलिस बल 

फोटो - गुस्साए ग्रामीणों को 16 घंटे बाद मनाने पहुंचा प्रशासन 


फोटो - किसान की मौत के बाद सूचना पर वनाधिकारी के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने शव तिराहे पर रखकर किया जाम, क्षेत्र में फैला आक्रोश 




शांतिनगर में बाघ के हमले से किसान की मौत, परिजनों ने 10 लाख मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर लगाया जाम


हजारा (पीलीभीत) इन दिनों स्थानीय तहसील क्षेत्र में बाघ और तेंदुआ का आतंक लगातार जारी है। कहीं बाघ लोगों को निवाला बना रहा है तो कहीं तेंदुआ सड़क किनारे निवाला बनाने की फिराक में बैठा देखा जा सकता है। विकास खण्ड पूरनपुर के अंतर्गत ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम शांति नगर में शुक्रवार शाम एक हृदयविदारक घटना घटी। खेत की देखभाल करने गए 60 वर्षीय किसान मुंशी प्रसाद उर्फ साधु की बाघ के हमले में मृत्यु हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंशी प्रसाद शुक्रवार सायं लगभग 3 बजे अपने खेत में लगी केले की फसल की देखभाल करने गए थे। दर शाम तक घर वापस न लौटने पर उनके पुत्र संजय ने खेत पर जाकर तलाश की। खेत में उनकी साइकिल पड़ी मिली। कुछ दूरी पर तलाश करने पर देखा कि बाघ उनके शव को नोच-खा रहा था। अकेला होने के कारण भयभीत संजय गांव भागा और ग्रामीणों को बुला लाया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर बाघ को भगाया और शव को घर लाए। परिजन उन्हें तत्काल संपूर्णानगर स्थित राजकीय चिकित्सालय ले गए, किन्तु वहां ताला लगा हुआ मिला। आरोप है कि यह स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही है। तत्पश्चात परिजन उन्हें एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए पलिया रेफर कर दिया। पलिया ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। घटना से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने मृतक के शव को रामनगर तिराहे पर रखकर मार्ग जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूर्णतः बाधित हो गया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार प्रातः 10 बजे तक कोई भी वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सूचना प्राप्त होते ही थानाध्यक्ष हजारा शरद यादव मय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शनिवार सायं तक निराकरण न होने तक मौके पर डटे रहे। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। उनके इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। लगभग पंद्रह घंटे पश्चात एसडीओ लखीमपुर-खीरी मनोज तिवारी, तहसीलदार आशीष गुप्ता, पुलिस क्षेत्राधिकारी विधि भूषण मौर्य, उप जिलाधिकारी पूरनपुर मयंक गोस्वामी, रेंजर पलिया विनय कुमार, नायब तहसीलदार अभिषेक त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष हजारा की पहल पर काफी मशक्कत के बाद परिजन मानने को तैयार हुए। परिजनों ने संपूर्णानगर वन क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध हत्या का अभियोग पंजीकृत किए जाने हेतु थानाध्यक्ष हजारा को तहरीर दी है। इसके अतिरिक्त एसडीओ पलिया को प्रार्थना पत्र देकर 10 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, आवास, जंगल के चारों ओर तार फेंसिंग, बाघ को पकड़ने तथा रात्रि में गश्त कराने की मांग की है। घटना की जानकारी पर क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान, रामनगर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के निवास पर पहुंचे और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।


रिपोर्ट - बृजनाथ प्रसाद, हजारा (पीलीभीत)

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