पीलीभीत:थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में जंगली हाथियों ने दस्तक देकर उजाड़ा गन्ना
सेहरामऊ उत्तरी में हाथियों की दस्तक से क्षेत्र में हड़कंप, केसरियापुर में 2 एकड़ गन्ना चट, 5 किसान बर्बाद
पूरनपुर (पीलीभीत) तहसील पूरनपुर के थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव केसरियापुर में एक बार फिर जंगली हाथियों के झुंड ने दस्तक देकर किसानों की नींद उड़ा दी है। हाथियों ने खेतों में घुसकर करीब दो एकड़ गन्ने की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है। बीते दो दिन पूर्व देर रात हाथियों का झुंड गांव के खेतों में घुस आया। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों ने फसल को खाने के साथ-साथ पूरे खेत में घूम-घूम कर उसे पैरों तले कुचल दिया। सुबह जब किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो तबाही का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
ग्रामीणों के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान किसान भारत प्रसाद को हुआ है। उनकी करीब दो एकड़ खड़ी गन्ने की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। इसके अलावा रामदयाल, बालकराम, राजेंद्र और रामविलास के खेतों में भी हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। खेतों में हाथियों के बड़े-बड़े पैरों के निशान और बिखरी पड़ी गन्ने की फसल नुकसान की कहानी खुद बयां कर रही है।
किसानों का कहना है कि सेहरामऊ उत्तरी इलाके में हाथियों का फसल रौंदना कोई नई बात नहीं है। लगभग हर साल रात के अंधेरे में जंगल से निकलकर हाथी गांवों की ओर आ जाते हैं और गन्ना, धान सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। हाथियों की इस आवाजाही से किसान पूरी-पूरी रात जागकर अपनी फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
[ क्यों आते हैं हाथी पीलीभीत थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र की ओर? ]
जानकार बताते हैं कि जनपद पीलीभीत एक बेहद संवेदनशील वन क्षेत्र में स्थित है। एक तरफ पीलीभीत टाइगर रिजर्व है तो दूसरी तरफ लखीमपुर खीरी का प्रसिद्ध दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल सटा हुआ है। वहीं पड़ोस में नेपाल सीमा है जो एकदम खुली सीमा है। ये खुली सीमा नेपाली हाथियों के लिए भारतीय जंगलों में आने-जाने का आसान रास्ता बन गई है। पीलीभीत और दुधवा के घने जंगल, भरपूर चारा-पानी और शांत माहौल नेपाली हाथियों के लिए रुकने और ठहरने की सबसे पसंदीदा जगह बन गई है। इसी वजह से इन जंगलों में हाथियों की लगातार आवाजाही के चांस बने रहते हैं और अक्सर वह मेहमान के रूप में दस्तक देकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते रहते हैं।
//वन विभाग से गुहार//
पीलीभीत जिले में जंगल से सटे इलाकों में फसल नुकसान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जुलाई 2026 में भी इसी क्षेत्र में हाथियों द्वारा कई एकड़ फसल रौंदने की घटना सामने आई थी। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए और रात में जंगल किनारे गश्त बढ़ाई जाए ताकि हाथियों को आबादी और खेतों से दूर रखा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल के नुकसान से उनकी मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो रही है।
रिपोर्ट - टीम PNN24, पूरनपुर (पीलीभीत)


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