पीलीभीत-पूरनपुर में हाथियों का कहर, 7 एकड़ फसल बर्बाद, किसानों को लाखों का नुकसान
PNN24
पूरनपुर के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में जंगली हाथियों ने फिर मचाया तांडव, 7 एकड़ फसल रौंदी, रात भर गांव में डटे रहे, किसानों में दहशत
PNN24/ ब्यूरो रिपोर्ट
पूरनपुर (पीलीभीत) जिले की पूरनपुर तहसील के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात गांव किशनपुर हरीपुर में नेपाली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने तीन एकड़ गन्ना और चार एकड़ धान समेत कुल सात एकड़ खड़ी फसल को रौंदकर पूरी तरह तबाह कर दिया और उसी स्थान पर रात भर डेरा जमाए रखा। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
👉एक रात में बर्बाद हुई महीनों की मेहनत
पीड़ित किसानों के अनुसार बीती रात करीब 11 बजे हाथियों का झुंड खेतों में घुस आया। हाथियों ने सबसे पहले गन्ने के खेतों को निशाना बनाया।
👉गन्ना किसान: नरपै सिंह, रंजीत सिंह, अमरजीत सिंह की लगभग तीन एकड़ गन्ने की फसल पूरी तरह रौंद दी गई।
👉धान किसान:महेश वर्मा, लखविंदर सिंह और कुलविंदर सिंह की चार एकड़ धान की तैयारी होने बाली फसल को पैरों तले कुचल कर बर्बाद कर दिया।
किसान नरपै सिंह ने बताया, "सुबह खेत पर पहुंचे तो सब कुछ खत्म हो चुका था। पूरा खेत ऐसे लग रहा था जैसे ट्रैक्टर चलाया गया हो। साल भर की कमाई हाथियों ने एक रात में खत्म कर दी।"
👉सालों से बना हुआ है आतंक का साया
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। पिछले 4-5 वर्षों से नेपाली हाथियों का झुंड शारदा पार के जंगलों से होते हुए सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में लगातार आ रहा है। अकेले किशनपुर, हरीपुर, नहरोसा और आसपास के गांवों में हर साल ये हाथी सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद कर देते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को सिर्फ जंगल में खदेड़ कर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेता है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। हाथी कुछ दिन बाद फिर लौट आते हैं।
👉 मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना पर आज सुबह वन विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने पीड़ित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। वन दरोगा ने बताया कि हाथियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और उन्हें सुरक्षित जंगल की ओर भेजने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय खेतों की तरफ न जाएं, शोर-शराबा कर हाथियों को भगाने का प्रयास न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वहीं ग्राम किशनपुर हरीपुर के पूर्व प्रधान पुत्र पिंकू बर्मा ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों के आतंक लगातार बढ़ते रहने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा जिससे किसानों व आम जन सहित क्षेत्र में दहशत जैसा माहौल बना हुआ है। वहीं किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए और हाथियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें