दिल्ली में महिला पत्रकारों से मारपीट को लेकर पत्रकारों में रोष पूरनपुर ऐप्जा के पत्रकारों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
PNN24/ब्यूरो
पूरनपुर (पीलीभीत) राजधानी दिल्ली के साकेत क्षेत्र में कवरेज के दौरान दो महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कथित मारपीट और अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश है। शनिवार को ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (ऐप्जा) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ऐप्जा के राष्ट्रीय चीफ कोऑर्डिनेटर अनुराग सारथी के निर्देश पर पूरनपुर इकाई ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। तहसील अध्यक्ष रामनिवास कश्यप और मीडिया प्रभारी सबलू खान के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी पूरनपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया।
👉 क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन के अनुसार, पीड़ित महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम की कवरेज करने गई थीं। आरोप है कि कवरेज के दौरान ही वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इतना ही नहीं, दोनों महिला पत्रकारों को जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर साकेत थाने ले जाया गया।
संगठन का गंभीर आरोप है कि थाने के अंदर भी दोनों पत्रकारों के साथ अभद्रता और मारपीट का सिलसिला जारी रहा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों महिला पत्रकारों के शरीर पर चोटों के निशान साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, जो पुलिस की बर्बरता की कहानी बयां कर रहे हैं।
👉ऐप्जा ने की ये बड़ी मांगें:
ज्ञापन में ऐप्जा ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय महिला आयोग और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया इस मामले का स्वतः संज्ञान लें।
इस मौके पर तहसील अध्यक्ष रामनिवास कश्यप ने कहा, "पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। महिला पत्रकारों के साथ इस तरह की बर्बरता लोकतंत्र पर सीधा हमला है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम राष्ट्रपति जी से न्याय की मांग करते हैं।"
मीडिया प्रभारी सबलू खान ने कहा कि पत्रकारों को स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल में काम करने का अधिकार है और यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा।ज्ञापन देने के दौरान जावेद, गंगा सिंह, राजीव, हसमुद्दीन सहित संगठन के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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