पीलीभीत डीएम साहब का सरप्राइज दौरा: अब बनेगी पक्की सड़क

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ग्रामीणों की शिकायत पर खुद पहुंचे डीएम 

पीलीभीत: खराब सड़क की शिकायत पर संजय नगर महोफ पहुंचे डीएम, चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, पक्की सड़क का दिया भरोसा



PNN24/ न्यूरिया - पीलीभीत 

पीलीभीत। जनपद में प्रशासन अब फरियादियों के दरवाजे तक पहुंच रहा है। ताजा मामला मरौरी विकासखंड का है, जहां एक गांव की खराब सड़क की शिकायत पर खुद जिलाधिकारी गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायत सुनने व गांव के विकास कार्यों की हालत देखने खुद निकल पड़े।

👉क्या है पूरा मामला?

मरौरी विकास खण्ड संजय नगर महोफ गांव के ग्रामीण लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे थे। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क और गांव के अंदर की सभी गलियां आज तक कच्ची हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं, काम नहीं होता है।

बारिश के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं। कच्चे रास्तों पर घुटनों तक कीचड़ और पानी भर जाता है। इससे बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों को अस्पताल ले जाना और किसानों का ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालना भी मुश्किल हो जाता है। एम्बुलेंस और स्कूल वैन तो गांव की सीमा से ही वापस लौट जाती हैं।इस गंभीर समस्या से परेशान होकर गांव के कई लोगों ने 3 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय में एक सामूहिक प्रार्थना पत्र देकर पक्की सड़क बनवाने की गुहार लगाई थी।

👉शिकायत पर तुरंत एक्शन, गांव पहुंचे डीएम

ग्रामीणों की शिकायत को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बेहद गंभीरता से लिया। शनिवार शाम करीब 6 बजे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह अचानक संजय नगर महोफ गांव पहुंच गए। डीएम के गांव पहुंचने की सूचना पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने गांव में ही ग्राम चौपाल लगाई और जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही सड़क की स्थिति का जायजा लिया।

👉 डीएम ने दिया ये बड़ा भरोसा।

चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी सड़क की समस्या को जल्द ही खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए संबंधित विभाग से एस्टीमेट बनाकर जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।

👉 सिर्फ सड़क ही नहीं, इन योजनाओं की भी ली जानकारी

इस दौरान जिलाधिकारी सिर्फ सड़क तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने गांव में चल रही अन्य सरकारी योजनाओं की भी गहन समीक्षा की।गांव में पीने के पानी की क्या व्यवस्था है?

- बिजली की सप्लाई नियमित है या नहीं?

- जल निकासी और साफ-सफाई की स्थिति क्या है?

- प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और राशन वितरण का लाभ सभी पात्र लोगों को मिल रहा है या नहीं?

- गांव के प्राथमिक विद्यालय और स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है।

डीएम ने मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय से और बिना किसी भेदभाव के मिलना चाहिए। साथ ही गांव में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

👉ग्रामीणों में खुशी, प्रशासन का जताया आभार

जिलाधिकारी के इस तरह अचानक गांव पहुंचने और सीधे ग्रामीणों से संवाद करने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि आज तक कोई भी बड़ा अधिकारी इस तरह उनके बीच आकर उनकी समस्या नहीं सुनता था। उन्होंने जिलाधिकारी और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

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PNN24 / न्यूरिया- पीलीभीत से,  रिजवान खान की रिपोर्ट


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